अब दीर्घाकार अवलोकन प्रणाली के माध्यम से पृथ्वी की पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का अवलोकन करें  ।

विज्ञान नगरी ने देश के पूर्वी हिस्से में अपने प्रकार की सर्वप्रथम अत्याधुनिक सुविधा गोलक पर विज्ञान को शामिल किया है । गोलाकार प्रक्षेपण प्रणाली वाले इस कमरे में कम्प्यूटरों एवं वीडियो प्रक्षेपकों के उपयोग से दीर्घकाय चालित गोलक के सदृश्य 1.80 मीटर व्यास गोलक पर ग्रहीय आँकड़े दर्शाये जाते हैं । सभी उम्र के लोगों के लिए पृथ्वी की गतिमान प्रक्रियाओं एवं सहयोगी विज्ञान को दर्शाने के लिए यह एक प्रभावी शैक्षिक उपकरण है । पृथ्वी के स्थल, समुद्र और वायुमंडल की अनुप्राणित तस्वीरें ग्रह पर सदृश्य दर्शा कर यह बताया जा सकता है कि जटिल अन्तरदर्शी और मोहक प्रक्रियाएँ क्या हैं ? इस सुविधा से जटिल वायुमंडलीय प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी ।

साइंस ऑन अ स्फेयर (एस ओ एस) की अधिकांश परिसम्पतियों को डेटाबेस कहा जाता है । मूल रूप से पृथ्वी के आँकड़ों के संग्रह पर आधारित स्थल को दिखाने के लिए वीडियो प्रणाली की परिकल्पना की गयी थी जिसकी उपयोगिता अब बढ़ गयी है । एस ओ एस पर्दे पर परम्परागत रूप से दिखने वाले अधिकांश आँकड़े पृथ्वी से संबंधित हैं जो या तो लगभग वास्तविक समय आँकड़ा संग्रह प्रणालियों या प्रक्रियाकृत दूरवर्ती संवेदन स्थलों से हैं । वर्तमान में 500 से अधिक डेटासेट हैं जो गोलक पर देखे जा सकते हैं जिसमें वास्तविक समय, अवरक्त उपग्रह तस्वीरें, मंगल, वास्तविक समय भूकंप, एक समुद्र अम्लीकरण प्रतिरूप, रात्रि कालीन पृथ्वी, हवा एवं पृथ्वी के अंतरिक्ष के चतुर्दिक उपग्रह ट्राफिक, जलवायु एवं तापक्रम भिन्नताएँ, क्लोरोफिल धारिता संकेंद्रण, बादलों की गति एवं अन्य अनेक शामिल हैं । राष्ट्रीय समुद्री एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) यू एस ए (USA) जन प्रदर्शों में एस ओ एस जैसी गोलाकार प्रदर्श प्रणाली के सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है जो वायुमंडलीय साक्षरता बढ़ाने के प्रयास का एक अंश है ।

विज्ञान नगरी, कोलकाता अपने दर्शकों को जटिल वायुमंडलीय प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देने के प्रयास में आधुनिकतम नवप्रवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों का प्रयोग करता रहा है, उसी दिशा में यह कक्ष विशेष रूप से अभिकल्पित एवं जलवायु नियंत्रित है जहाँ एक साथ लगभग ७० दर्शक बैठ सकते हैं ।  उम्मीद की जाती है कि यह नयी सुविधा विरल प्रदर्शनी की मदद से पारिवारिक एवं स्कूली समूहों को आनन्दित करने एवं इसके साथ ही पृथ्वी पर विद्यमान जटिल प्रक्रियाओं को समझने में मदद प्रदान करेगी ।

इसलिए हमारी पृथ्वी तथा बाह्य जगत के बारे में और अधिक जानकारी के लिए विज्ञान नगरी, कोलकाता में अवश्य आएँ ।